मुर्दों के शहर में प्रतिक्रया की उम्मीद नहीं की जा सकती
हमारा सरगुजा विभाजन के बाद कैसा होगा ? वर्तमान सरगुजा जिला का मुख्यालय (अंबिकापुर) अब अपने दो विधानसभा लुण्ड्रा और सीतापुर एक साथ नए सरगुजा जिले के रूप में हमारे सामने होगा |
प्रश्न यह है की इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी ?
लोगो के अपने -अपने तर्क है | ज्यादातर लोगो की राय राज्य शासन से मिलते है ,सरकार को भी नए जिले के निर्माण में कोई परेशानी सामने नहीं आने वाली |
लिकिन मेरे विचार से सीमाओं के विसंगातियो के सम्बन्ध में सरकार को विचार करना चाहिए |सरगुजा का अपना पुराना एवम् एतिहासिक इतिहास है सरगुजा के अस्मिता के सम्बन्ध में भी विचार किया जाना चाहिए |
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